Bahraich News: उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले में अवैध नर्सिंग होम और अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान करीब 80 अवैध नर्सिंग होम सीज कर दिए गए, जबकि लगभग 250 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सीएमओ का सख्त संदेश स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से बिना मानकों और आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि जिले में बिना वैध लाइसेंस और निर्धारित मानकों के किसी भी नर्सिंग होम या अस्पताल का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित संस्थानों को स्वास्थ्य विभाग के नियमों का पालन करने और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अवैध नेटवर्क का खुलासा जानकारी के अनुसार, बहराइच में अवैध नर्सिंग होम का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। कई संस्थान बिना पंजीकरण और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के मरीजों का इलाज कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद व्यापक जांच अभियान शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान कई ऐसे संस्थान भी सामने आए, जहां स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसी आधार पर उन्हें सीज करने के साथ अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। अभियान रहेगा जारी स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित और मानक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी जिलेभर में निरीक्षण जारी रहेगा और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ये भी पढ़ें: नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने से पहले दबोचा गया तस्कर! 50 लाख की स्मैक संग इसरार गिरफ्तार